अध्याय 3

"मैं और ज़्यादा मेडिकल टीमें वहाँ भिजवा दूँगा। डॉक्टर होंगे तो तुम सब ठीक रहोगी।"

आर्थर की आवाज़ पूरी तरह शांत थी।

मानो वह अपनी पत्नी से नहीं, किसी अनजान-सी, महत्वहीन अजनबी से बात कर रहा हो।

फिर जैसे अचानक कुछ याद आ गया हो, उसने जोड़ा, "इस दौरान घर पर ही रहना, जब तक वायरस चला नहीं जाता।"

एलेन की मुस्कान और कड़वी होती गई।

यह नया, बदला हुआ वायरस था।

पूरे शहर में फैल चुका था।

वैक्सीन भी बन जाए, तो उसमें समय लगना ही था।

"आर्थर, क्या हमारे लिए तुम बस यही इंतज़ाम कर सकते हो?"

एलेन की आँखें बुझी-बुझी थीं। उसने तीखी व्यंग्य भरी आवाज़ में कहा, "एमिली का खयाल रखना तुम्हें आता है, और हमें सबको घर में बंद करके छोड़ देते हो।"

आर्थर की आवाज़ में बर्फ़-सी ठंडक उतर आई, "प्लेन बस टेक ऑफ करने वाला है। बाद में बात करेंगे।"

एलेन टूटे हुए कॉल को घूरती रह गई।

काली स्क्रीन में उसका बेबस, कड़वाहट से भरा चेहरा झलक रहा था।

एमिली के लिए उसने अपने रसूख का इस्तेमाल करके निजी विमान तक का इंतज़ाम कर दिया था—और उसे, और बच्चों को, यहीं छोड़ दिया।

एक पति के तौर पर वह नाकाम रहा। एक पिता के तौर पर तो उससे भी ज़्यादा!

उन तीनों की ज़िंदगियाँ मिलकर भी एमिली जितनी कीमती नहीं थीं!

एलेन की आँखें अनगिरे आँसुओं से जलने लगीं। उसने फोन सहायक को वापस किया और वेरा के कमरे में लौट गई।

डॉक्टर वेरा की हालत देखकर सिर्फ दवाइयाँ लिख सकता था, पर असर होगा या नहीं—यह तो सुबह ही पता चलता।

एलेन पूरी रात सोई नहीं। बाथरूम से गुनगुना पानी भरकर उसने कटोरा रखा और लगातार गीले कपड़े से वेरा का बदन पोंछती रही।

लगातार उल्टियाँ होने से वेरा को बुखार चढ़ गया था।

जब दवाएँ काम नहीं कर रहीं थीं, तो यही उनका एकमात्र सहारा था।

एलेन को याद नहीं रहा कि उसने रात भर में कितनी बार वेरा का शरीर पोंछा।

बेचैनी से वेरा लगातार रोती रही।

थकान से लड़ते हुए एलेन ने वेरा को बिस्तर से उठाया, उसे हल्के-हल्के पीठ थपथपाती रही, कमरे में टहलती रही और उसकी पसंद की लोरियाँ गुनगुनाती रही।

जब वेरा आखिरकार गहरी नींद में गई, तब एलेन इतनी टूट चुकी थी कि उसके हाथ मुश्किल से उठ रहे थे।

बाहर सुबह हो चुकी थी, पर्दों के बीच से धूप छनकर कमरे में आ रही थी।

अपनी दुखती बाँहें मलते हुए वह मुड़ी और जूलियस के कमरे की ओर चली गई।

एलेन बस यह देखने गई थी कि जूलियस ने ढंग से ओढ़ लिया है या नहीं, मगर दरवाज़े के पास पहुँचते ही उसे अंदर से उसकी शिकायतें सुनाई दीं।

दरवाज़ा पूरी तरह बंद नहीं था, इसलिए गलियारे में खड़ी एलेन को हर बात साफ़ सुनाई दे रही थी।

जूलियस बिस्तर पर पड़ा, अपनी स्मार्टवॉच से आर्थर से रूआँसी आवाज़ में शिकायत कर रहा था।

"डैड, आप कब वापस आ रहे हो? मुझे मम्मी के साथ नहीं रहना।"

"वो बस ढेर सारे नियम बनाकर मुझे कंट्रोल करती रहती है। मेरा पसंदीदा केक भी एक टुकड़ा ज़्यादा नहीं खाने देती। कल तो मुझ पर चिल्लाई भी थी। मुझे एमिली याद आती है।"

"वो ऐसी ही है।"

फोन से आर्थर की ठंडी आवाज़ आई, फिर भी उसने चिंता जताते हुए पूछा, "वेरा कैसी है? अभी भी उल्टी हो रही है क्या?"

"वो ठीक ही होगी। कल डॉक्टर ने उसे दवा दी थी।"

यह कहकर जूलियस फिर बात मोड़ ले गया, "डैड, क्या आप किसी को भेज सकते हो कि वेरा और मुझे भी यहाँ से ले जाए? हमें मम्मी के साथ नहीं रहना।"

आर्थर ने नरमी से बहलाया, "अच्छे बच्चे बनो। हालत अभी ठीक नहीं हैं। इस वक्त घर पर रहना ही सबसे सुरक्षित है।"

"लेकिन मम्मी के साथ रहना कितना घुटन भरा है।"

एलेन ने आँखें बंद कर लीं। अचानक ऐसा लगा मानो अनदेखी-सी, अभूतपूर्व थकान एक प्रचंड ज्वार की तरह उस पर आ गिरी हो और उसे पूरी तरह निगल गई हो।

अगर यह कॉल न होती, तो उसे कभी पता ही नहीं चलता कि जूलियस यूँ महसूस करता है।

तब, अपनी नाज़ुक-सी देह के बावजूद, उसने जुड़वाँ बच्चों को गर्भ में पाला था—अनगिनत तकलीफ़ें झेली थीं, और गर्भपात रोकने के लिए अस्पताल में रोज़ इंजेक्शन लगवाती रही थी।

आख़िर में उसे इमरजेंसी सी-सेक्शन कराना पड़ा।

दोनों बच्चे समय से पहले पैदा हुए थे और कमज़ोर थे, और जूलियस को पाचन की समस्या भी थी, इसलिए उसने हमेशा उनके खाने-पीने पर सख़्त नियंत्रण रखा था।

जूलियस को मिठाई बहुत पसंद थी, लेकिन वह छोटा था और उसके दूध के दाँत भी गिर रहे थे, इसलिए एलेन ने उसके खाने और रोज़ की चीनी की मात्रा को लेकर कड़े नियम बना दिए थे।

अब यही बात उसके लिए एलेन के साथ ज़िंदगी को “उदास” बताने की एक वजह बन गई थी।

एलेन मुड़ी और वहाँ से चली गई।

वह वापस वेरा के कमरे में आई और थोड़ी देर सुस्ताने के लिए दीवार से टिक गई।

लेकिन वह चैन से सो नहीं सकी—वेरा की हालत की चिंता उसे लगातार सताती रही। जब थर्मामीटर का पारा आखिरकार नीचे आया, तभी उसने खुद को ढील दी और नींद में चली गई।

वेरा दोपहर तक सोती रही, फिर उठी।

जागते ही उसमें साफ़ तौर पर जान लौट आई थी। आँखें खोलते ही उसका पहला सवाल था, “मॉम, कितने बजे हैं? क्या मैं एमिली की सेलिब्रेशन पार्टी मिस कर गई?”

एलेन ने अपनी दुखती कनपटियाँ मलते हुए कहा, “अब दोपहर हो गई है।”

“मैं इतनी देर कैसे सो गई? मैं कितनी बेवकूफ़ हूँ—एमिली की पार्टी भी मिस कर दी और उसे बधाई तक नहीं दी।”

वेरा घबराकर बैठ गई। उसके चेहरे पर आत्मग्लानि छा गई, आँखों में आँसू भर आए।

एलेन वेरा के पास बैठ गई और उसे दिलासा देते हुए बोली, “तुम इतनी देर इसलिए सोई क्योंकि कल तुम बीमार थी। थोड़ी देर में तुम्हारा तापमान फिर से देख लूँगी।”

वेरा ने एलेन की बाँह की आस्तीन खींची, “मॉम, क्या मैं एमिली को वीडियो कॉल कर सकती हूँ? प्लीज़?”

एलेन का पहला मन तो मना करने का हुआ।

उसे एमिली पसंद नहीं थी—बल्कि नफ़रत थी।

एक औरत होने के नाते वह एमिली की कुछ बातों और हरकतों के पीछे छिपी नीयत को पढ़ सकती थी।

फिर भी, उसके बच्चे अजीब तरह से उसी से चिपके रहते थे।

वेरा रोने के करीब थी, उसने फिर गिड़गिड़ाकर कहा, “प्लीज़, मॉम? मुझे डर है एमिली मुझसे नाराज़ हो जाएगी और फिर मेरी दोस्त नहीं रहेगी।”

कुछ देर हिचकने के बाद, एलेन ने धीरे से सिर हिला दिया।

वेरा अभी भी पीली और कमज़ोर थी। एलेन अपनी बेटी के चेहरे पर निराशा नहीं देख पाई।

इजाज़त मिलते ही वेरा का चेहरा खिल उठा, मानो उछल ही पड़ेगी।

उसने फौरन अपनी स्मार्टवॉच उठाई और एमिली को वीडियो कॉल लगा दी।

एमिली ने तुरंत कॉल उठा ली। स्क्रीन पर वह नींद से भरी आँखों के साथ दिखी—बाल बिखरे हुए, रेशमी नाइटगाउन पहने, और कुल मिलाकर बेहद अस्त-व्यस्त-सी।

“वेरा।”

“एमिली!”

वेरा ने खुशी से पुकारा, फिर उदास होकर बोली, “सॉरी, एमिली। कल मैं बीमार पड़ गई थी और तुम्हारी सेलिब्रेशन पार्टी मिस हो गई। मैं तुम्हें बधाई तक नहीं दे पाई। मैंने तुम्हारे लिए गिफ्ट भी तैयार किया था।”

एमिली मुस्कुराई, “मुझे वेरा की सच्चाई महसूस हो रही है। मेरे लिए वही सबसे बड़ा गिफ्ट है।”

कहते-कहते उसने लापरवाही से अपने लंबे बाल पीछे कर लिए।

वेरा के पीछे, एलेन का चेहरा अचानक सख़्त हो गया। उसने होंठ ज़ोर से काट लिया।

जब एमिली की हरकत ने उसकी गर्दन का हिस्सा ढक रखा था, तब बड़े-बड़े, निजी-से लाल निशान उतने साफ़ नहीं दिख रहे थे।

लेकिन अब, बाल पीछे होते ही वे उकसाने वाले निशान पूरी तरह उघड़ गए—यहाँ तक कि नाइटगाउन के नीचे तक फैले हुए।

कल रात के जुनून की तीव्रता साफ़ झलक रही थी।

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